क्या आप व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक संज्ञा के उदाहरण (Examples) ढूंढ रहे हैं? इस लेख में हमने संज्ञा के तीनों भेदों की परिभाषा और 100 से अधिक उदाहरणों की विस्तृत सूची साझा की है। अपनी परीक्षा की तैयारी और हिंदी व्याकरण को मजबूत करने के लिए अभी पढ़ें और संज्ञा के अंतर को आसानी से समझें।
संज्ञा किसे कहते हैं | Sangya Kise Kahate Hain
जिन विकारी शब्दों से किसी व्यक्ति, स्थान, प्राणी, गुण, काम, भाव आदि का बोध होता है, उन्हें संज्ञा कहते हैं।
इस प्रकार हम कह सकते है कि संज्ञा किसी व्यक्ति, स्थान, प्राणी, गुण, भाव या काम के लिए नहीं किया जाता है, बल्कि उनके स्थान पर उनके नाम के लिए किया जाता है।
दूसरे शब्दों में हम कह सकते है कि,
''वस्तु के नाम को संज्ञा कहते हैं।''
यहा वस्तु का अर्थ जिसका अस्तित्व होता है या होने की कल्पना की जा सकती है उसे वस्तु कहा जाता है।
👉इस प्रकार नाम और संज्ञा समानार्थक शब्द हैं।हिंदी व्याकरण में संज्ञा शब्द ही प्रचलित में है।
संज्ञा की परिभाषा | Sangya ki Paribhasha
''किसी जाति, द्रव्य, व्यक्ति, गुण, भाव, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।''
हमने जो संज्ञा की परिभाषा में जो नाम आये है उन्हें विस्तार से समझने की कोशिश करते है, जिन्हें देखकर हम समझ सकते है कि व्यक्ति, वस्तु, गुण आदि किस प्रकार से संज्ञा के रूप में काम करते है –
- व्यक्ति का नाम – रमेश, राम, विराट कोहली, श्याम, शंकर
- वस्तु का नाम – कलम, डंडा, पंखा, कंघा
- गुण का नाम – सुन्दरता, ईमानदारी, बेईमानी, घमड़ी
- भाव का नाम – प्रेम, ग़ुस्सा, दया, करूणा, क्रोध
- स्थान का नाम – आगरा, दिल्ली, लखनऊ
- क्रिया का नाम - मारना, जाना, खाना
संज्ञा के उदाहरण | sangya ke udaharan
- राम एक चालक लड़का है।
- यह रमेश का फोन है।
- उसने मुझे आज बहुत मारा।
- रेशमा खाना बना रहीं है।
- पीतल के बर्तन में खाना बनाना चाहिये।
- मैं उस से नफरत करता हूं।
- राम और श्याम अच्छे मित्र हैं।
- भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी है।
- मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।
- राधा एक सुंदर लड़की है।
संज्ञा के भेद | sangya ke bhed
संज्ञा के पाँच भेद माने जाते हैं; जो निम्न हैं ?
2. जातिवाचक संज्ञा
3. समूहवाचक संज्ञा
4. द्रव्यवाचक संज्ञा
5. भाववाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा | jativachak sangya
जिन संज्ञा शब्दों से किसी एक ही प्रकार की अनेक वस्तुओं का बोध होता है, उन्हें 'जातिवाचक' संज्ञा कहते हैं;
जैसे-
- 'घर' कहने से सभी तरह के घरों का बोध होता है
- 'पहाड़' कहने से संसार के सभी पहाड़ों का और
- 'नदी' कहने से सभी नदियों का जातिगत बोध होता है।
जातिवाचक संज्ञाओं की स्थितियाँ इस प्रकार हैं
- सम्बन्धियों, व्यवसायों, पदों और कार्यों के नाम - भाई, माँ, डॉक्टर, वकील, मन्त्री, अध्यक्ष, किसान, अध्यापक, मजदूर इत्यादि।
- पशु-पक्षियों के नाम - बैल, घोड़ा, हिरण, तोता, मैना, मोर इत्यादि।
- वस्तुओं के नाम - मकान, कुर्सी, मेज, पुस्तक, कलम इत्यादि।
- प्राकृतिक तत्त्वों के नाम - बिजली, वर्षा, आँधी, तूफान, भूकम्प, ज्वालामुखी इत्यादि।
जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण -
- राम फल खा रहा हैं।
- श्याम खिलौनों से खेल रहा हैं।
- कुछ लोग दौड़ रहें है।
- पेड़ों पर पक्षी बैठे हैं।
- सड़क पर गाड़ियां चलती हैं।
- बच्चे स्कूल जाते हैं।
- कुत्ता एक वफादार जानवर की श्रेणी में आता है।
इन वाक्यों में फल, खिलोने, लोग, पेड़ व पक्षी, सड़क, गाडि़या, बच्चे, स्कूल तथा कुत्ता यह सभी शब्द जातिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं क्योंकि ये शब्द किसी भी विशेष फल, खिलोने, लोग, पेड़ व पक्षी, सड़क, गाडि़या, बच्चे, स्कूल तथा कुत्ता का बोध न कराकर पूरी जाती का बोध करा रहे हैं।
व्यक्तिवाचक संज्ञा | vyaktivachak sangya
जिन संज्ञा शब्दों से किसी एक ही वस्तु, व्यक्ति या स्थान आदि का बोध होता है, उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं;
जैसे - जयपुर, रामायण, अमेरिका, दिल्ली, भारत, राम इत्यादि।
व्यक्तिवाचक संज्ञाओं में निम्न नाम समाविष्ट होते हैं जिन्हें देखकर या पढ़कर हम समझ सकते है कि यह व्यक्तिवाचक संज्ञा का का बोध कराता है –
- व्यक्तियों के नाम - राम, कृष्ण, महात्मा बुद्ध, हज़रत मोहम्मद, ईसा मसीह इत्यादि।
- फलों के नाम - आम, अमरूद, सेब, संतरा, केला इत्यादि।
- ग्रन्थों के नाम - रामायण, रामचरितमानस, पद्मावत, कामायनी, कुरान, साकेत इत्यादि। PAGE 3
- समाचार पत्रों के नाम - हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स, अमर उजाला इत्यादि
- नदियों के नाम - गंगा, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा, कावेरी, सिन्धु इत्यादि।
- नगरों के नाम - लखनऊ, वाराणसी, आगरा, जयपुर, पटना इत्यादि।
इन शब्दों से एक ही वस्तु का बोध होता है। अतः ये सभी व्यक्तिवाचक संज्ञा शब्द हैं। जब व्यक्तिवाचक संज्ञा एक से अधिक का बोध कराने लगती है तो वह जातिवाचक संज्ञा हो जाती है;
जैसे- आज के युग में जयचन्दों की कमी नहीं है। यहाँ 'जयचंदों' किसी व्यक्ति का नाम न होकर विश्वासघाती व्यक्तियों की जाति का बोधक है।
व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण -
- सचिन तेन्दुलकर एक दिग्गज बल्लेबाज हैं।
- सीता खाना बना रही है।
- राजेश मेरा सबसे अच्छा दोस्त है।
- घनश्याम एक ईमानदार लड़का है।
- अजय के पास एक पेंसिल है।
- नरेंद्र मोदी भारत के प्रधान मंत्री है।
- ताजमहल आगरा में स्थित है।
- गंगा का नाम भारत की सबसे लंबी और पवित्र नदी में आता है
- रेशमा एक सुन्दर लड़की है।
उपरोक्त सभी उदाहरणों में सचिन तेन्दुलकर, सीता, राजेश, घनश्याम, अजय, नरेंद्र मोदी, ताजमहल, गंगा, रेशमा किसी एक व्यक्ति के नाम का बोध करा रहे हैं, न कि अनेक व्यक्तियों के नाम का। अतः यहाँ पर व्यक्ति वाचक संज्ञा है।
📍जातिवाचक और व्यक्तिवाचक संज्ञा में अन्तर
जातिवाचक और व्यक्तिवाचक संज्ञा में मुख्य अंतर निम्न है -
| आधार | जातिवाचक संज्ञा (Common Noun) | व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun) |
|---|---|---|
| परिभाषा | जो शब्द किसी पूरी जाति, श्रेणी या वर्ग का बोध कराते हैं। | जो शब्द किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराते हैं। |
| व्यापकता | यह एक ही प्रकार की अनेक वस्तुओं या प्राणियों के लिए उपयोग होता है। | यह केवल एक ही इकाई (Unit) की पहचान बताता है। |
| उदाहरण | नदी, पर्वत, शहर, पुस्तक, लड़का। | गंगा, हिमालय, लखनऊ, रामायण, राम। |
जातिवाचक और व्यक्तिवाचक संज्ञा में अन्तर को उदाहरणों के द्वारा समझते है -
1. नदी (जातिवाचक) बनाम गंगा (व्यक्तिवाचक)
- जब हम 'नदी' कहते हैं, तो इसमें दुनिया की कोई भी नदी आ सकती है।
- लेकिन जब हम 'गंगा' कहते हैं, तो यह एक विशेष नदी की बात हो रही है।
2. पर्वत (जातिवाचक) बनाम हिमालय (व्यक्तिवाचक)
- 'पर्वत' कहने से पहाड़ों की पूरी जाति का बोध होता है।
- 'हिमालय' एक विशेष पर्वत का नाम है।
3. नगर/शहर (जातिवाचक) बनाम वाराणसी (व्यक्तिवाचक)
- 'नगर' कोई भी हो सकता है, लेकिन 'वाराणसी' एक निश्चित स्थान की पहचान है।
4. लेखक (जातिवाचक) बनाम प्रेमचंद ( व्यक्तिवाचक)
- 'लेखक' एक पेशा या वर्ग है, जबकि 'प्रेमचंद' एक विशिष्ट व्यक्ति का नाम है।
- कभी-कभी किसी व्यक्ति के विशेष गुणों के कारण उसके नाम का प्रयोग पूरी जाति के लिए होने लगता है।
- उदाहरण: "आज के युग में जयचन्दों की कमी नहीं है।" यहाँ 'जयचन्द' एक व्यक्ति का नाम (व्यक्तिवाचक) है, लेकिन इस वाक्य में इसका प्रयोग 'विश्वासघाती व्यक्तियों' (जातिवाचक) के लिए किया गया है।
समूहवाचक संज्ञा | samuh vachak sangya
जिन संज्ञा शब्दों से एक ही जाति की वस्तुओं के समूह का बोध होता है, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते हैं;
जैसे- परिवार, कक्षा, सेना, भीड़, पुलिस, मेला, झुंड, दल, कक्षा, गुच्छा, पुस्तकालय, टीम, दर्जन, गिरोह इत्यादि समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं।
- व्यक्तियों के समूह - कक्षा, सेना, समूह, संघ, टुकड़ी, गिरोह और दल इत्यादि।
- वस्तुओं के समूह - कुंज, ढेर, गट्ठर, गुच्छा इत्यादि।
समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण -
- रमेश ने एक दर्जन केले खरीदें।
- आज तुम्हारी कक्षा नही चलेगी।
- भारतीय सेना विश्व की सबसे शाक्तिशाली सेना में से एक है।
- पुस्तकालय में बहुत सी पुस्तकें रखी हुई हैं।
- आतंकवादी का गिरोह आजकल बहुत सक्रिय हो गया हैं।
- मैंने मेले से आज खिलोनें खरीद कर लाया।
- तेरे दोस्त की विदाई पर मैंने एक फूलों का गुुुलदस्ता दीया।
- रमेश कक्षा का सबसे बुद्धिमान लड़का हैं।
इस वाक्यों में दर्जन, कक्षा, सेना, पुस्तकालय, आतंकवादी, मेला, गुलदस्ता तथा कक्षा यह सभी शब्द समूह को दर्शाते है अतः यह सभी शब्द समूहवाचक संज्ञा है।
द्रव्यवाचक संज्ञा | dravya vachak sangya
जिस शब्द से किसी ठोस, तरल, पदार्थ, धातु, अधातु या द्रव्य का बोध होता हैं, द्रव्यवाचक संज्ञा कहलाते हैं। द्रव्यवाचक संज्ञाएँ को नापी या तोली जा सकती हैं। परन्तु इनकी गणना नहीं की जा सकती हैं।
अर्थात्
किसी संज्ञा शब्द से किसी द्रव्य का बोध हो तो उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे- कोयला, फल, लोहा, सोना, पानी, तेल, घी, हीरा, चीनी, चांदी, सब्ज़ी आदि द्रव्य हैं जिन्हे संख्याओं में गिना नहीं जाता बल्कि इन्हे तोला अथवा नापा जाता है।
द्रव्यवाचक संज्ञाओं में निम्नलिखित समाविष्ट होते हैं –
- धातुओं के नाम - सोना, चाँदी, लोहा, ताँबा, पीतल आदि।
- पदार्थों के नाम - दूध, दही, घी, तेल, पानी आदि।
- गैसीय पदार्थों के नाम – ऑक्सीजन, धुआँ, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन इत्यादि।
अतः ये सभी द्रव्यवाचक संज्ञा शब्द हैं।
द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण -
- स्वास्थ्य रहने के लिये रोजाना फल खाने चाहिए।
- रोहन पानी पी रहा है।
- मेरा मोबाइल मुझे वापस दो।
- रोजाना दूध पीना चाहिये है।
- मैं बाजार से सब्जी लेकर आया हूँ।
- घर बनाने में लोहें का उपयोग किया जाता है।
- कोहिनूर हीरा भारत से पाया गया था।
- सुनार सोनेेेे-चॉंदी का व्यापार करता है।
- खेत में गेंहूँ की फसल लगी हुई है।
इस वाक्यों में फल, पानी, मोबाइल, दूध, लोहा, हीरा, सोने-चॉंदी तथा गेंहूँ आदि शब्दों से हमें एक द्रव्य का बोध होता है। अतः यह सभी शब्द द्रव्यवाचक संज्ञा है।
संज्ञा के तीन आधार हैं, इन्हें 'संज्ञा की कोटियाँ' भी कहा जाता है। ये हैं-लिंग, वचन और कारक।
भाववाचक संज्ञा | bhav vachak sangya
जिन संज्ञा शब्दों से किसी वस्तु के गुण, दशा या व्यापार का बोध होता है, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं;
जैसे - बुढ़ापा, मोटापा, मिठास, बचपन, चढ़ाई, थकावट आदि।
भाववाचक संज्ञा में निम्न समाविष्ट होते हैं –
- गुण के अर्थ में - सुन्दरता, कुशाग्रता, बुद्धिमत्ता इत्यादि।
- अवस्था के अर्थ में - जवानी, बचपन, बुढ़ापा इत्यादि।
- दशा के अर्थ में - उन्नति, अवनति, चढ़ाई, ढलान इत्यादि।
- भाव के अर्थ में - मित्रता, शत्रुता, कृपणता इत्यादि।
- माप के अर्थ में - ऊँचाई, चौड़ाई, लम्बाई आदि।
- क्रिया के अर्थ में - दौड़धूप, पढ़ाई, लिखाई आदि ।
- गति के अर्थ में - फुर्ती, शीघ्रता, सुस्ती आदि ।
- स्वाद के अर्थ में - कड़वापन, कसैलापन, तितास, मिठास आदि ।
- अमूर्त भावनाएँ के अर्थ में - करुणा, क्षोभ, दया आदि।
इन शब्दों से भाव विशेष का बोध होता है। अतः ये सभी भाववाचक संज्ञा शब्द हैं।
भाववाचक संज्ञा के उदाहरण :-
- घी स्वस्थ के लिए अच्छा होता है।
- मुझे सोने का हार पसंद है।
- यह स्कूल में बहुत सख्ती होती है।
- संसार का असली आधार प्रेम ही हैं।
- संंत महात्मा के अंदर दयालुता होती है।
- मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु अहंकार है।
- खेल में जीत होने पर बच्चें उत्साह से भर गयें।
इस वाक्यों में अच्छा, पसंद, सख्ती, प्रेम, दयालुता, अंहकार तथा उत्साह आदि शब्दों से हमें भावना का बोध होता है। जिसमें उनकें गुण-दोष, भाव या दशा, धर्म का बोध होता है। अतः यह सभी शब्द भाववाचक संज्ञा है।
भाववाचक संज्ञा को पहचानने के नियमभाववाचक संज्ञा का निर्माण भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण जातिवाचक संज्ञा, व्यक्तिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया तथा अव्यय में आव, अन, ई, ता, त्व, पन, आई आदि प्रत्यय जोड़कर किया जाता है; जैसे-
अब हम जातिवाचक संज्ञा, क्रिया, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, अव्यय से भाववाचक में बनाना सीखाएंगे। तो आइये देखते है इन्हें किसी तारिकें से बनाया जाता है।
🔽 जातिवाचक से भाववाचक बनाना
- युवक – यौवन
- इंसान – इंसानियत
- राष्ट्र – राष्ट्रीयता
- ब्राह्मण – ब्राह्मणत्व
- घर – घरेलू
- समाज - सामाजिकता
- मूर्ख - मूर्खता
- डाकू - डकैती
- मनुष्य मनुष्यता
- मित्र - मित्रता
- प्रभु - प्रभुता
- बच्चा - बचपन
- शैतान - शैतानी
- शत्रु - शत्रुता
- माता - मातृत्व
- भ्राता - भ्रातृत्व
- आदमी - आदमियता
- सेवक - सेवा
🔽 सर्वनाम से भाववाचक बनाना
- माँ - ममता, ममत्व
- अपना - अपनापन
- निज - निजत्व
- पराया – परायापन
- मम – ममत्व/ममता
- सर्व – सर्वस्व
- आप – आपा
- पराया – परायापन
🔽 संज्ञा से भाववाचक बनाना
- पंडित – पांडित्य
- राष्ट्र – राष्ट्रीयता
- भार – भारीपन
- माता – मातृत्व
- गुरु – गुरुता
- मनुष्य - मनुष्यता
- पशु - पशुत्व
- मित्र - मित्रता
- मानव - मानवता
- प्रभु - प्रभुता
- पंडित - पांडित्य
- शत्रु - शत्रुता
- बाल - बालपन
- देव - देवत्व
- बालक - बालकपन
- स्त्री - स्त्रीत्व
- लड़का - लडकपन
- पुरुष - पुरुषत्व
- नुष्य - मनुष्यता
- दानव - दानवता
- मित्र - मैत्री
- शिष्य - शिष्यत्व
- माता - मातृत्व
- भ्राता - भ्रातृत्व
🔽 क्रिया से भाववाचक बनाना
- ढना - पढाई
- खोजना - खोज
- लड़ना - लड़ाई
- बोलना - बोल
- पूजना - पूजन
- पढना - पढाई
- चलना - चाल , चलन
- थकना - थकावट
- सीना - सिलाई
- रोना - रुलाई
- लिखना - लेख
- दौड़ना - दौड़
- लूटना - लुट
- जोड़ना - जोड़
- नाचना - नाच
🔽 विशेषण से भाववाचक बनाना
- शीतल - शीतलता
- चतुर - चातुर्य, चतुराई
- अच्छा - अच्छाई
- सुन्दर - सुन्दरता, सौंदर्य
- निर्बल - निर्बलता
- बड़ा - बड़प्पन
- काला - कालापन
- वीर - वीरता
- मधुर - मधुरता, माधुर्य
- छोटा - छुटपन
- तीखा - तीखापन
- मीठा - मिठास
- सरल - सरलता
- तीक्ष्ण - तीक्ष्णता
- ऊँचा - ऊंचाई
- बूढा - बुढ़ापा
- लालची - लालच
- डरावना - डर
- क्रोधी - क्रोध
- शीघ्र - शीघ्रता
- अमीर - अमीरी
- रोगी - रोग
- संपन्न - संपन्नता
- प्रयुक्त - प्रयाग
- अंध - अधिकार , अँधेरा
- सुखद - सुखदायी
- साहित्यिक - साहित्य
- एक - एकता
- सम - समता , समानता
- पथरीली - पथरीलापन
- क्षुब्ध - क्षोभ
🔽 अव्यय से भाववाचक बनाना
- दूर – दुरी
- धिक् – धिक्कार
- मना – मनाही
- निकट – नैकट्य
- पूर्ण – पूर्णता
व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक संज्ञा के 100+ उदाहरण
व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक संज्ञा को हमने विस्तार से समझा लिया है फिर भी हम एक बार इनके उदाहरण के द्वारा संक्षिप्त में देखते है -
व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण वाक्य
- भारत एक महान देश है।
- महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा जाता है।
- दीपावली दीपों का त्यौहार है।
- जनवरी साल का पहला महीना होता है।
- ताजमहल आगरा में स्थित है।
- सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है।
- रामायण की रचना वाल्मीकि ने की थी।
- लाल किला दिल्ली की शान है।
- होली रंगों का उत्सव है।
- जापान अपनी तकनीक के लिए प्रसिद्ध है।
जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण वाक्य
- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।
- लड़के मैदान में फुटबॉल खेल रहे हैं।
- गाय एक पालतू पशु है।
- पक्षियों को आसमान में उड़ना पसंद है।
- मेज पर पुस्तक रखी हुई है।
- आज के समय में मोबाइल बहुत जरूरी हो गया है।
- हमारे देश में कई नदियाँ बहती हैं।
- शिक्षक हमें ज्ञान प्रदान करते हैं।
- शहर की चकाचौंध सबको आकर्षित करती है।
- पेड़ हमें ऑक्सीजन और फल देते हैं।
विशेष बात (याद रखने योग्य):
जब हम 'नदी' कहते हैं, तो वह 'जातिवाचक' है क्योंकि वह दुनिया की सभी नदियों की बात कर रही है। लेकिन जब हम 'गंगा' कहते हैं, तो वह 'व्यक्तिवाचक' बन जाती है क्योंकि वह एक खास नदी का नाम है।
इसी तरह:
- पर्वत (जातिवाचक) — हिमालय (व्यक्तिवाचक)
- शहर (जातिवाचक) — दिल्ली (व्यक्तिवाचक)
- लड़का (जातिवाचक) — रोहित (व्यक्तिवाचक)
वैसी संज्ञा जिससे किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, धर्म, दोष, दशा, स्वभाव या अवस्था का बोध होता हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। इन संज्ञाओं को हम देख या छू नहीं सकते, केवल अनुभव (Feel) कर सकते हैं।
भाववाचक संज्ञा के उदाहरण वाक्य
- बचपन के दिन बहुत सुहावने होते हैं।
- महाराणा प्रताप की वीरता की कहानियाँ आज भी प्रसिद्ध हैं।
- हमें हमेशा ईमानदारी के रास्ते पर चलना चाहिए।
- आम में बहुत मधुरता है।
- अधिक काम करने के कारण मुझे थकान हो रही है।
- राम और श्याम के बीच गहरी मित्रता है।
- इंसान को अपने अहंकार का त्याग कर देना चाहिए।
- फूलों की सुन्दरता मन मोह लेती है।
- आजकल महंगाई बहुत बढ़ गई है।
- माँ की ममता का कोई मोल नहीं होता।
विशेष बात (याद रखने योग्य):
भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण अक्सर अन्य शब्दों में प्रत्यय (जैसे: ता, पन, ई, त्व, आव) जोड़कर किया जाता है।
- लड़का (जातिवाचक) — लड़कपन (भाववाचक)
- सुंदर (विशेषण) — सुन्दरता (भाववाचक)
- अपना (सर्वनाम) — अपनापन (भाववाचक)
- घबराना (क्रिया) — घबराहट (भाववाचक)
व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक संज्ञा में तुलनात्मक अंतर
| तुलना का आधार | व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun) | जातिवाचक संज्ञा (Common Noun) | भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun) | ||||||||||||||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| परिभाषा | यह शब्द किसी विशेष व्यक्ति, विशेष वस्तु या विशेष स्थान का बोध कराता है। | यह शब्द किसी पूरी जाति, वर्ग या श्रेणी का बोध कराता है। | यह शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, दोष, दशा, अवस्था या भाव का बोध कराता है। | ||||||||||||||||||||
| पहचान | यह 'विशेष' होता है। इसका अपना एक अलग नाम होता है। | यह 'सामान्य' होता है। यह उस जैसे सभी प्राणियों या वस्तुओं के लिए उपयोग होता है। | यह 'अमूर्त' होता है। इसे छुआ नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जा सकता है। | ||||||||||||||||||||
| उदाहरण (एक साथ तुलना) |
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| महत्वपूर्ण अंतर | 'यमुना' व्यक्तिवाचक है क्योंकि वह एक विशेष नदी का नाम है। | 'नदी' जातिवाचक है क्योंकि यह दुनिया की सभी नदियों का बोध कराती है। | 'गहराई' भाववाचक है क्योंकि यह नदी का एक गुण है जिसे हम अनुभव करते हैं। | ||||||||||||||||||||
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (GAQDs) - संज्ञा (Sangya)
1. संज्ञा की परिभाषा (संज्ञा किसे कहते हैं?) | sangya kise kahate hain
उत्तर - न विकारी शब्दों से किसी व्यक्ति, स्थान, प्राणी, गुण, कार्य या भाव आदि के नाम का बोध होता है, उन्हें संज्ञा कहते हैं। सरल शब्दों में कहें तो, संसार में जिस भी वस्तु का अस्तित्व है या जिसकी कल्पना की जा सकती है, उसके नाम को ही संज्ञा कहा जाता है। व्याकरण में 'नाम' और 'संज्ञा' एक-दूसरे के समानार्थक शब्द हैं।
2. संज्ञा के कितने भेद होते हैं? | sangya ke kitne bhed hote hain
उत्तर - हिंदी व्याकरण में संज्ञा के मुख्य रूप से पाँच भेद माने जाते हैं:
- व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
- जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)
- भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)
- समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun)
- द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun)
3. व्यक्तिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? | vyaktivachak sangya kise kahate hain
उत्तर - जिन संज्ञा शब्दों से किसी एक विशेष व्यक्ति, विशेष वस्तु या विशेष स्थान का बोध होता है, उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।
- उदाहरण: राम, कृष्ण (व्यक्तियों के नाम); गंगा, यमुना (नदियों के नाम); लखनऊ, दिल्ली (नगरों के नाम); रामायण, कुरान (ग्रंथों के नाम)।
4. जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? | jativachak sangya kise kahate hain
उत्तर - जिन संज्ञा शब्दों से किसी एक ही प्रकार की पूरी जाति या वर्ग की वस्तुओं, प्राणियों या स्थानों का बोध होता है, उन्हें जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।
- उदाहरण: 'नदी' कहने से संसार की सभी नदियों का बोध होता है, 'पर्वत' कहने से सभी पहाड़ों का, और 'लड़का' कहने से सभी लड़कों का बोध होता है। इसके अलावा भाई, माँ, डॉक्टर, वकील जैसे पद और व्यवसाय भी इसी श्रेणी में आते हैं।
5. भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं? | bhavvachak sangya kise kahate hain
उत्तर - जिन संज्ञा शब्दों से किसी वस्तु या व्यक्ति के गुण, दोष, दशा, अवस्था या भाव का बोध होता है, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं। इन चीजों को हम छू नहीं सकते, केवल अनुभव कर सकते हैं।
- उदाहरण: सुन्दरता, कुशाग्रता (गुण); जवानी, बचपन, बुढ़ापा (अवस्था); प्रेम, क्रोध, शत्रुता (भाव)।
6. समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? | samuh vachak sangya kise kahate hain
उत्तर - जिन संज्ञा शब्दों से किसी एक ही जाति की वस्तुओं या व्यक्तियों के समूह या समुदाय का बोध होता है, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।
- उदाहरण: कक्षा, सेना, संघ, गिरोह, दल (व्यक्तियों के समूह); कुंज, ढेर, गट्ठर, गुच्छा (वस्तुओं के समूह)।
संज्ञा से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न | Hindi Grammar MCQ
1. संज्ञा किसे कहते हैं?
2. संज्ञा का भेद नहीं है
3. संज्ञा के कितने भेद माने जाते हैं?
4. जातिवाचक संज्ञा शब्द है
5. निम्नलिखित में कौन-सा शब्द, संज्ञा है?
6. 'मिठास' शब्द है
7. 'महात्म्य', शब्द है
8. किस विकल्प में सभी शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ हैं?
9. किस विकल्प में सभी शब्द समूहवाचक संज्ञाएँ हैं?
10. कौन-सा शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा से सम्बन्धित है?







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