भारतेन्दु युग के काव्य के विकास का दूसरा चरण द्विवेदी युग से आरम्भ हुआ। आचार्य महावीरप्रसाद द्विव…
Read more »चन्दबरदाई हिंदी साहित्य के आदिकाल के प्रसिद्ध कवि और पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि थे। उनकी प्रमुख …
Read more »Amir Khusro हिंदी साहित्य के महान कवि, सूफी संत और संगीतकार थे, जिन्हें “तूत-ए-हिन्द” कहा जाता है।…
Read more »छायावादी काव्य का जन्म द्विवेदी युगीन काव्य की प्रतिक्रिया स्वरूप हुआ, क्योंकि द्विवेदीयुगीन कविता …
Read more »अज्ञेय आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख रचनाकार हैं। उन्होंने कविता, उपन्यास, निबंध और आलोचना के साथ…
Read more »“द्रुत झरो जगत् के जीर्ण पत्र” कविता में सुमित्रानंदन पंत ने पुरानी रूढ़ियों और जड़ मान्यताओं को त्…
Read more »“प्रथम रश्मि” कविता (सुमित्रानंदन पंत) का सरल हिंदी में सारांश, पद-व्याख्या, महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्त…
Read more »महादेवी वर्मा की कविता ‘फिर विकल हैं प्राण मेरे’ उनके काव्य संग्रह साध्यगीत से ली गई एक रहस्यवादी …
Read more »‘कामायनी’ जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित हिंदी साहित्य का अमर महाकाव्य है, जो मानव जीवन की भावनाओं, …
Read more »'बाँधो न नाव इस ठाँव, बंधु !' यह कविता निराला जी के 'अर्चना' कविता संग्रह में संकल…
Read more »‘कुकुरमुत्ता’ (1941) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की प्रसिद्ध व्यंग्यात्मक कविता है, जिसमें उन्होंन…
Read more »'आँसू' कविता का सारांश 'आँसू' जयशंकर प्रसाद जी का प्रसिद्ध विरह काव्य है। कवि की …
Read more »हिंदी साहित्य में प्रगतिवाद की शुरुआत 1936 से 1943 के बीच मानी जाती है। 1936 में लखनऊ में आयोजित प्…
Read more »हिंदी साहित्य की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह प्रश्नोत्तर संकलन अत्यंत उपयोगी है। इसमें…
Read more »'खुरदरे-पैर' कविता का सारांश 'खुरदरे पैर' नागार्जुन जी की मार्मिक अभिव्यक्ति है। जि…
Read more »उपन्यास का उद्भव यूरोप में रोमाण्टिक (प्रेम प्रसंगयुक्त) कथा साहित्य में हुआ, जो मूलतः भारतीय प्रेम…
Read more »Contents प्रयोगवाद की पृष्ठभूमि प्रगतिवाद व छायावाद के विरोध में प्रयोगवाद आया। छायावाद में कोरी…
Read more »Contents 'सतपुड़ा के जंगल' कविता का सारांश 'सतपुड़ा के जंगल' शीर्षक कविता में क…
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