लिंग (Gender in Hindi): परिभाषा, भेद और पहचान के नियम | 100+ उदाहरण

हिंदी व्याकरण में लिंग (Gender) उस शब्द-चिह्न या रूप को कहते हैं जिससे किसी संज्ञा या सर्वनाम के पुरुष (नर) या स्त्री (मादा) जाति के होने का बोध (पता) चलता है। हिंदी व्‍याकरण में लिंग को दो भागों में विभाजित किया गया है - स्‍त्रीलिंग और पुल्लिंग। 

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    लिंग की परिभाषा, भेद और उदाहरण - हिंदी व्याकरण | tutorialhindi.com

    Ling in Hindi (लिंग - हिंदी व्याकरण)

    लिंग शब्द संस्कृत भाषा का है, जिसका अर्थ है- चिह्न। जिस चिह्न द्वारा यह जाना जाए कि अमुक शब्द पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का, उसे लिंग कहते हैं। दूसरे शब्दों में, संज्ञा के जिस रूप से पुरुषत्व या स्त्रीत्व का बोध हो उसे लिंग कहते हैं। 

    नीचे दिये गये उदाहरण को देखते है -

    1. बालक पढ़ता है।
    2. घोड़ा दौड़ता है।
    3. लड़की नाचती है।
    4. परीक्षा चल रही है।

    इन वाक्यों में 'बालक' और 'घोड़ा' शब्द पुंलिंग हैं एवं 'लड़की' और 'परीक्षा' शब्द स्त्रीलिंग हैं। 

    अर्थात् हम लिंग की परिभाषा इस प्रकार है- 

    ''संज्ञा के जिस रूप से उसके स्त्रीत्व अथवा पुरुषत्व होने का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं।''

    Ling ki paribhasha aur bhed (लिंग की परिभाषा और भेद)

    हिन्दी में लिंग दो प्रकार के होते हैं- 

    [1.] पुल्लिंग -

    जिन संज्ञा शब्दों से यथार्थ या कल्पित पुरुषत्व का बोध होता है, उन्हें पुल्लिग कहते हैं; जैसे-लड़का, बैल, घोड़ा, पेड़, नगर इत्यादि। 

    यहाँ 'लड़का' 'बैल' 'घोड़ा' से यथार्थ पुरुषत्व तथा 'पेड़' और 'नगर' से कल्पित पुरुषत्व का बोध होता है। 

    [2.] स्त्रीलिंग -

    जिन संज्ञा शब्दों से यथार्थ या कल्पित स्त्रीत्व का बोध होता है, उन्हें स्त्रीलिंग कहते हैं; जैसे-लड़की, गाय, लता, पुरी इत्यादि। 

    यहाँ 'लड़की' और 'गाय' यथार्थ स्त्रीत्व का तथा 'लता' और 'पुरी' से कल्पित स्त्रीत्व का बोध होता है। 

    पुल्लिंग की पहचान  

    1. संस्कृत के पुल्लिग तथा नपुंसकलिंग शब्द जो हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं वे प्रायः पुल्लिग ही रहते हैं; जैसे- तन, मन, धन, देश, जगत् आदि शब्द पुल्लिग हैं।

    2. जिन शब्दों के अन्त में आ, आव, पा, पन, न प्रत्यय हो; जैसे- छोटा, मोटा, पड़ाव, बुढ़ापा, बचपन, लेन-देन आदि शब्द पुल्लिग हैं। 

    3. संस्कृत के ऊकारान्त और उकारान्त शब्द पुल्लिग होते हैं; जैसे- प्रभू, भ्रू; अश्रु, जन्तु, राहु, त्रिशंकु आदि। इसी प्रकार तद्भव ऊकारान्त पुल्लिग होते हैं; जैसे-डाकू, पिल्लू, जनेऊ आदि। 

    4. रत्नों के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- हीरा, मोती, नीलम, मूँगा । 

    5. द्रव्यवाचक शब्द प्रायः पुल्लिग रूप में प्रयुक्त होते हैं; 

    जैसे- द्रव्य घी, तेल, मक्खन, दूध, पानी; हीरा, मोती, पन्ना, लोहा, ताँबा आदि। 

    6. देशों, पहाड़ों और समुद्रों के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- भारत, चीन, कोरिया, हिमालय, सतपुड़ा, अरबसागर, हिन्दमहासागर । 

    7. समय के भागों, महीनों और दिनों के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- वर्ष, सप्ताह, असाढ़, सावन, सोमवार, शुक्रवार । 

    8. वृक्षों के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- आम, वट, पीपल, चीड़, नीम, अशोक । (अपवाद - इमली, सुपारी, नारंगी, मौलश्री) 

    9. अनाजों के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- गेहूँ, धान, उड़द, चावल, बाजरा, चना । (अपवाद – मूंग, मसूर, मटर, कुल्थी, अरहर) 

    10. द्रव पदार्थों के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- घी, दूध, पानी, तेल, शरबत, इत्र । (अपवाद - छाछ, लस्सी, चाय, कॉफी, स्याही) 

    11. ग्रहों के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- चन्द्र, रवि, मंगल, बुध, वृहस्पति, शुक्र, शनि । (अपवाद – पृथ्वी) 

    12. धातुओं के नाम पुल्लिग होते हैं;

    जैसे- सोना, काँसा, पीतल । (अपवाद – चाँदी) 

    पुल्लिंग का वाक्‍यों में प्रयोग

    क्रम पुल्लिंग शब्द वाक्य में प्रयोग
    1 दही यह दही बहुत खट्टा है।
    2 आँसू उसने दुख में आँसू बहाए।
    3 पानी नदी का पानी साफ है।
    4 क्रोध अधिक क्रोध करना बुरा है।
    5 चुनाव अगले महीने चुनाव होने वाला है।
    6 रुमाल मेरा सफेद रुमाल खो गया।
    7 अकाल गाँव में भीषण अकाल पड़ा है।
    8 जहाज समुद्र में जहाज डूब गया।
    9 बचपन सबका बचपन सुंदर होता है।
    10 मोती यह मोती बहुत चमकता है।
    11 अपराध चोरी करना एक अपराध है।
    12 तौलिया गीला तौलिया धूप में सुखा दो।
    13 घी बाजार में घी महँगा है।
    14 प्राण पिंजरा खुलते ही तोते के प्राण उड़ गए।
    15 कुँआ गाँव का कुँआ बहुत गहरा है।
    16 आईना हाथ से छूटकर आईना टूट गया।
    17 अम्बार यहाँ अनाज का अम्बार लगा है।
    18 होश डर के मारे मेरे होश उड़ गए।
    19 जख्म उसका पुराना जख्म हरा हो गया।
    20 फर्ज देश सेवा हमारा फर्ज है।
    21 कंबल यह ऊनी कंबल बहुत मोटा है।
    22 आयोजन घर में कथा का आयोजन है।
    23 इत्र इस इत्र की खुशबू अच्छी है।
    24 ईंधन रसोई का सारा ईंधन समाप्त हो गया।
    25 उमंग जीत के बाद मन में उमंग है।
    26 कफन लाश पर नया कफन डाला गया।
    27 कवच योद्धा ने लोहे का कवच पहना है।
    28 कीचड़ धूप से रास्ते का कीचड़ सूख गया।
    29 कुहासा सुबह-सुबह बहुत कुहासा छाया था।
    30 खलिहान किसान का खलिहान अनाज से भरा है।
    31 गिरगिट वह गिरगिट की तरह रंग बदलता है।
    32 गीत यह पुराना गीत बहुत मधुर है।
    33 गुनाह उसने कोई गुनाह नहीं किया।
    34 घर हमारा नया घर साफ-सुथरा है।
    35 घाव चोट का घाव अब गहरा हो गया है।
    36 चाबुक घोड़े का चाबुक कहीं गिर गया।
    37 छप्पर आँधी में घर का छप्पर उड़ गया।
    38 जुलूस बाजार से एक लंबा जुलूस निकला।
    39 जेल चोर को जेल भेज दिया गया।
    40 जौ खेत में जौ की फसल अच्छी है।
    41 टिकट मैंने बस का टिकट खरीद लिया।
    42 तकिया यह तकिया बहुत आरामदायक है।
    43 तीर कमान से तीर छूट गया।
    44 दंगा शहर में अचानक दंगा भड़क उठा।
    45 दाग कपड़े पर चाय का दाग लग गया।
    46 नकद उसने सामान के नकद पैसे दिए।
    47 नीड़ तूफान में पक्षी का नीड़ उजड़ गया।
    48 नीलाम कर्ज के कारण मकान नीलाम हो गया।
    49 पतंग आसमान में रंग-बिरंगा पतंग उड़ रहा है।
    50 पर्वत सामने का पर्वत बहुत ऊँचा है।
    51 पहिया गाड़ी का अगला पहिया टूट गया।
    52 बोझ मजदूर ने भारी बोझ उठाया है।
    53 भोर पक्षियों के चहकते ही भोर हो गया।
    54 मोम गर्मी से मेज पर रखा मोम पिघल गया।
    55 वृक्ष आँगन का पुराना वृक्ष सूख गया।
    56 शोक उसे संगीत का गहरा शोक है।
    57 सींग बैल के दोनों सींग नुकीले हैं।
    58 हार सोने का यह हार बहुत महँगा है।

    स्त्रीलिंग की पहचान

    1. संस्कृत के स्त्रीलिंग शब्द जो हिन्दी में प्रचलित हैं प्रायः स्त्रीलिंग ही रहते हैं; 

    जैसे- सुन्दरता, आशा, लता, दिशा इत्यादि स्त्रीलिंग हैं। 

    2. जिन शब्दों के अन्त में आई, वट, हट आदि प्रत्यय हों वे प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं; 

    जैसे-सिलाई, बुनाई, कटाई, लिखावट, बनावट, घबराहट, चिल्लाहट इत्यादि। 

    3. संस्कृत के कुछ पुल्लिग शब्द और नपुंसकलिंग शब्द हिन्दी में स्त्रीलिंग के रूप में प्रयुक्त होते हैं; 

    जैसे- अग्नि, आत्मा, ऋतु, वायु, सन्तान, राशि इत्यादि। 

    4. तिथियों तथा नक्षत्रों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं; 

    जैसे- गंगा, यमुना, गोदावरी, कावेरी ...; द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी...; अश्विनी, रोहिणी आदि। 

    5. भाषा, बोली और लिपि का नाम स्त्रीलिंग में होता है; 

    जैसे- हिन्दी, अंग्रेज़ी, रूसी, चीनी, अरबी, फ़ारसी, अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी, कुमाऊँनी, गढ़वाली, देवनागरी, रोमन, कैथी, मुड़िया, खरोष्ठी, ब्राह्मी इत्यादि। 

    6. नदियों और झीलों के नाम के नाम स्त्रीलिंग होते हैं; 

    जैसे- गंगा, महानदी, ऋषिकुल्या, चिलका । 

    7. भोजनों और मसालों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं; 

    जैसे- रोटी, पूड़ी, खीर, खिचड़ी, जलेबी, इलायची । (अपवाद - लड्डू, हलुवा, बादाम) 

    8. नित्य स्त्रीलिंग मैना, मक्खी, कोयल, चील, गौरैया आदि। इन शब्दों के लिग निर्धारण के लिए शब्दों के साथ 'नर' या 'मादा' शब्द जोड़ देते हैं; जैसे-तोता (नर), चीता (मादा), कोयल (नर) आदि। 

    स्त्रीलिंग का वाक्‍यों में प्रयोग

    क्रम स्त्रीलिंग शब्द वाक्य में प्रयोग
    1 किताब यह हिंदी की किताब पुरानी है।
    2 नकल परीक्षा में नकल करना मना है।
    3 कमर झुककर काम करने से कमर में दर्द है।
    4 सजा चोर को अदालत से सजा मिली।
    5 चमक तारों की चमक सुंदर लगती है।
    6 दीवार किले की दीवार बहुत ऊँची है।
    7 खबर आज सुबह एक अच्छी खबर मिली।
    8 कसम उसने हमेशा सच बोलने की कसम खाई।
    9 जाँच पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।
    10 इच्छा मेरी नई किताब पढ़ने की इच्छा है।
    11 मूँछ राजपूत अपनी मूँछ पर ताव देते थे।
    12 लू जून के महीने में तेज लू चलती है।
    13 झंझट मुझे इस झंझट में नहीं पड़ना।
    14 आँख रोने से उसकी आँख लाल हो गई।
    15 ठेस आपकी बात से मेरे दिल को ठेस पहुँची।
    16 जीभ गर्म दूध से मेरी जीभ जल गई।
    17 आदत सुबह जल्दी उठने की आदत अच्छी होती है।
    18 बूँद पानी की एक बूँद कीमती है।
    19 घूस घूस लेना कानूनन अपराध है।
    20 गर्दन अन्तरिक्ष या अचानक मुड़ने से गर्दन में मोच आ गई।
    21 शराब शराब सेहत के लिए हानिकारक है।
    22 खोज नए ग्रहों की खोज जारी है।
    23 थकावट लंबा चलने के बाद थकावट हो गई।
    24 ईंट यह ईंट बहुत मजबूत है।
    25 नहर गाँव में पानी की नहर बहती है।
    26 विजय अंत में सत्य की ही विजय होती है।
    27 भीड़ बाजार में बहुत भीड़ जमा थी।
    28 प्रतिज्ञा मेरी प्रतिज्ञा कभी नहीं टूटेगी।
    29 कब्र राजा की कब्र यहाँ सुरक्षित है।
    30 चाल शतरंज में आपकी चाल अच्छी थी।
    31 उम्र आपकी उम्र लंबी हो।
    32 भीख आलसी लोगों को भीख मत दो।
    33 आग जंगल में अचानक आग लग गई।
    34 कलम मेरी कलम बहुत अच्छी चलती है।
    35 तबीयत आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है।
    36 चिढ़ बात-बात पर चिढ़ दिखाना गलत है।
    37 नब्ज डॉक्टर ने मरीज की नब्ज देखी।
    38 टाँग चोट लगने से उसकी टाँग टूट गई।
    39 बर्फ पहाड़ों पर सफेद बर्फ गिर रही है।
    40 ऊब इस नीरस काम से ऊब होने लगती है।
    41 देह व्यायाम करने से देह स्वस्थ रहती है।
    42 घात बिल्ली चूहे की घात में बैठी है।
    43 भूख काम के बाद जोरों की भूख लगी।
    44 छत तेज बारिश में छत टपकने लगी।
    45 जूँ गंदे बालों में जूँ पड़ जाती हैं।
    46 आय मेहनत करने से आय बढ़ती है।
    47 लीक महापुरुष पुरानी लीक छोड़कर नया रास्ता बनाते हैं।
    48 साँझ सूरज डूबते ही सुंदर साँझ ढलने लगी।
    49 ईर्ष्या हमें किसी से ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए।
    50 बालू नदी के किनारे बालू चमक रही है।
    51 फटकार गलती करने पर उसे फटकार पड़ी।
    52 बंदूक सैनिक के पास एक बंदूक है।
    53 चील आसमान में चील उड़ रही है।
    54 खटिया दादाजी खटिया पर बैठे हैं।
    55 सड़क यह साफ-सुथरी सड़क शहर जाती है।
    56 धूप सर्दी में गुनगुनी धूप अच्छी लगती है।
    57 यात्रा हमारी अमरनाथ यात्रा मंगलमय रही।
    58 लाश पुलिस को एक अज्ञात लाश मिली।

    वाक्यों को स्त्रीलिंग से पुल्लिंग बनाने में आवश्यक नियम

    वाक्यों को स्त्रीलिंग से पुल्लिंग बनाने में आवश्यक नियम निम्नलिखित हैं -

    1. अकारान्त तथा आकारान्त पुल्लिंग शब्दों को 'ईकारान्त' कर देने से स्त्रीलिंग हो जाते हैं, जैसे-

    लड़का-लड़की
    नाना  -  नानी
    मोटा  -  मोटी
    गोप   -  गोपी
    हिरन - हिरनी
    पुत्र  -  पुत्री आदि। 

    2. 'आ' प्रत्ययान्त पुल्लिंग शब्दों में 'आ' के स्थान पर 'इया' लगाने से स्त्रीलिंग बन जाते हैं; जैसे-

    कुत्ता  -  कुतिया 
    बूढ़ा  -  बुढ़िया
    बछड़ा -  बछिया आदि। 

    3. व्यवसायबोधक, जातिबोधक तथा उपनामवाचक शब्दों के अन्तिम स्वर का लोप करके उनमें 'इन' और 'आइन' प्रत्यय लगाने से स्त्रीलिंग बन जाता है; जैसे-

    धोबी  -  धोबिन 
    कहार  -  कहारिन
    माली  -  मालिन
    बाघ  -  बाघिन आदि। 

    4. जातिवाचक या भाववाचक संज्ञाओं का पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने में यदि शब्द का अन्य स्वर दीर्घ है तो उसे ह्रस्व करते हुए 'नी' प्रत्यय का भी प्रयोग होता है; जैसे-

    ऊँट  -  ऊँटनी
    हाथी  -  हथिनी आदि।

    5. संस्कृत के 'वान' और 'मान' प्रत्ययान्त विशेषण शब्दों में 'वान' तथा 'मान' को क्रमशः "वती' और 'मती' कर देने से स्त्रीलिंग बन जाते हैं, जैसे-

    पुत्रवान्  - पुत्रवती
    श्रीमान्  -  श्रीमती
    बुद्धिमान्  -  बुद्धिमती
    बलवान  -  बलवती 
    भगवान् -  भगवती इत्यादि।

     6. संस्कृत के अकारान्त विशेषण शब्दों के अन्त में 'आ' लगा देने से स्त्रीलिंग बन जाते हैं, जैसे-

    प्रियतम  -  प्रियतमा
    श्याम  -  श्यामा
    चंचल  -  चंचला
    आत्मज  -  आत्मजा
    कान्त  -  कान्ता आदि 

    7. जिन पुल्लिंग शब्दों के अन्त में 'अक' होता है उनमें 'अक' के स्थान पर 'इका' लगा देने से स्त्रीलिंग बन जाते हैं; जैसे-

    बालक  -  बालिका
    नायक  -  नायिका
    पालक  -  पालिका
    सेवक  -  सेविका
    लेखक  -  लेखिका आदि। 

    8. कतिपय उपनामवाची शब्दों में 'आनी' प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग बनाया जाता है; जैसे-

    देवर   -  देवरानी
    जेठ   -  जेठानी
    सेठ  -  सेठानी
    खत्री  -  खत्रानी आदि। 

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    पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्दों की सूची 

    • ठाकुर - ठाकुराइन
    • दर्जी - दर्जिन
    • आयुष्मान - आयुष्मती
    • लड़का - लड़की
    • सम्राट - सम्राज्ञी
    • बूढ़ा - बुढ़िया
    • तपस्वी - तपस्विनी
    • अभिनेता - अभिनेत्री
    • डिब्बा - डिबिया
    • नर छिपकली - छिपकली
    • कबूतर - कबूतरी
    • कवि - कवयित्री
    • पहाड़ - पहाड़ी
    • ऊँट - ऊँटनी
    • नायक - नायिका
    • शेर - शेरनी
    • भाई - बहन
    • शिक्षक - शिक्षिका
    • रचयिता - रचयित्री
    • जेठ - जेठानी
    • बुद्धिमान - बुद्धिमती
    • सुनार - सुनारिन
    • छात्र - छात्रा
    • कर्ता - कत्री
    • हाथी - हथिनी
    • इंद्र - इंद्राणी
    • कुत्ता - कुतिया
    • राजा - रानी
    • नर मक्खी - मक्खी
    • धनवान - धनवती
    • गायक - गायिका
    • आचार्य - आचार्या
    • नौकर - नौकरानी
    • विधुर - विधवा
    • गधा - गधी
    • दाता - दात्री
    • पंडा - पंडिताइन
    • भिक्षुक - भिक्षुका
    • बाघ - बाघिन
    • साधु - साध्वी
    • चिड़ा - चिड़िया
    • मगरमच्छ - मादा मगरमच्छ
    • लेखक - लेखिका
    • नर भेड़ - भेड़
    • मोर - मोरनी
    • लाला - ललाइन
    • युवक - युवती
    • पाठक - पाठिका
    • ससुर - सास
    • भगवान - भगवती
    • चूहा - चुहिया
    • ब्राह्मण - ब्राह्मणी
    • श्रीमान - श्रीमती
    • नेता - नेत्री
    • बकरा - बकरी
    • देवर - देवरानी
    • विदूषक - विदुषी
    • नर मछली - मछली
    • धोबी - धोबिन
    • सिंह - सिंहनी
    • चौधरी - चौधराइन
    • बलवान - बलवती
    • नाना - नानी
    • मेंढक - मेंढकी
    • बैल - गाय
    • शिष्य - शिष्या
    • साँप - साँपिन
    • विद्वान - विदुषी
    • पति - पत्नी
    • ग्वाला - ग्वालिन
    • वर - वधू
    • मच्छर - मादा मच्छर
    • दादा - दादी
    • मालिक - मालकिन
    • कुम्हार - कुम्हारिन
    • मामा - मामी
    • सेठ - सेठानी
    • हिरन - हिरनी
    • तोता - मैना
    • चाचा - चाची
    • भालू - मादा भालू
    • पुत्र - पुत्री
    • बूढ़ा - बूढ़ी
    • पिता - माता
    • भैंसा - भैंस
    • पुरुष - स्त्री
    • बंदर - बंदरिया
    • हंस - हंसिनी
    • नर - मादा
    • पोता - पोती

    लिंग से संबंधित प्रश्नावली 

    1. संज्ञा के जिस रूप से पुरुषत्व या स्त्रीत्व का बोध हो उसे क्या कहते हैं?





    ANSWER= (c) लिंग

    2. हिन्दी भाषा में लिंग के कितने भेद हैं?





    ANSWER= (b) दो

    3. संज्ञा के जिस रूप से पुरुषत्व या स्त्रीत्व का बोध हो उसे क्या कहते हैं?





    ANSWER= (c) लिंग

    4. हिन्दी भाषा में लिंग के कितने भेद हैं?





    ANSWER= (b) दो

    5. निम्नलिखित में से किनके नाम प्रायः पुल्लिग होते हैं?





    ANSWER= (d) दिनों के नाम

    6. निम्नलिखित में से किनके नाम प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं?





    ANSWER= (a) बोलियों के नाम

    7. कवि का स्त्रीलिंग रूप होगा





    ANSWER= (d) कवयित्री

    8. विदुषी का पुल्लिंग रूप होगा





    ANSWER= (c) विद्वान्

    9. 'राजा ने दान दिया।' वाक्य का स्त्रीलिंग रूप होगा





    ANSWER= (b) रानी ने दान दिया

    10. छात्र ने परीक्षा उत्तीर्ण की। (रेखांकित शब्द का स्त्रीलिंग लिखिए)





    ANSWER= (b) छात्रा

    11. मगरमच्छ का स्त्रीलिंग है





    ANSWER= (c) मादा मगरमच्छ

    12. निम्नांकित में कौन शब्द पुल्लिग प्रयोग नहीं होता





    ANSWER= (c) नदी


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