गैंग्रीन (रोज़) कहानी - अज्ञेय

अज्ञेय आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख रचनाकार हैं। उन्होंने कविता, उपन्यास, निबंध और आलोचना के साथ-साथ कहानी लेखन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी अधिकांश कहानियों का मूल स्वर व्यक्ति के अन्तर्मन की खोज है। उन्होंने घटनाओं के स्थान पर सूक्ष्म विश्लेषण को कहानी का आधार बनाया। 'गैंग्रीन' अज्ञेय की सबसे प्रसिद्ध कहानी है।

Gangrene Kahani-Agyeya

 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय का जीवन परिचय

पूरा नाम - सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय

जन्म - 7 मार्च 1911, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश

निधन - 4 अप्रैल 198, नई दिल्ली 

पिता का नाम - श्री हीरानंद वात्स्यायन

विधाएँ - उपन्यास, नाटक, कविता, कहानी, यात्रा- वृतांत, संस्मरण, निबंध  

उपन्यास - नदी के द्वीप, शेखर: एक जीवनी, अपने अपने अजनबी आदि। 

कहानी-संग्रह - विपगाथा, ये तेरे प्रतिरूप, कोठरी की बात आदि। 

कविताएँ - हरी घास पर क्षणभर, आँगन के द्वार पर, बावरा अहेरी, कितनी नावों में कितनी बार’ आदि। 

यात्रा वृतांत - एक बूँद सहसा उछली, अरे यायावर रहेगा याद।

नाटक - उत्तरप्रियदर्शी 

संपादन - तारसप्तक, दिनमान 

पुरस्कार - साहित्य अकादमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार।

कहानी संग्रह - विपथगा (1937 ई०) 

प्रथम संस्करण 1937 ई० में (रोज) नाम से प्रकाशित हुई त‍था पांचवें संस्करण 1990 ई० में (गैंग्रीन) नाम से प्रकाशित हुई।

कहानी संग्रह : विपथगा (1937 ई) 

  • विपथगा 
  • दुःख और तितलियाँ 
  • पगोडा वृक्ष 
  • मिलन 
  • हरसिंगार 
  • एकाकी तारा 
  • हारिति 
  • अमर वल्लरी 
  • रोज 
  • कड़ियाँ 
  • अकलंक 
  • शत्रु 

गैंग्रीन कहानी का विषय 

  • पहाड़ी गाँव का परिवेश है। 
  • 'मैं' शैली में लिखी संवादात्मक कहानी है। 
  • मध्यवर्गीय मानसिकता को चित्रित करती है। 
  • यह एक चरित्र प्रधान कहानी है। 
  • नारी जीवन की विवशता का चित्रण। 
  • एकल परिवार में बच्चे की स्थिति का चित्रण
  • जीवन की एकरसता और व्यर्थता बोध का चित्रण इस कहानी में किया गया है। 

गैंग्रीन कहानी का स्थान - मालती का घर, अवधि कुछ घंटों की सुबह नौ से रात 11 बजे तक। (एक औसत स्त्री की दिनचर्या भी कह सकते हैं) 

गैंग्रीन (रोज़) कहानी के प्रमुख पात्र

मालती : 

  • लेखक के दूर के रिश्ते की बहन या सखी 
  • मध्यवर्गीय स्त्री 
  • विवाह पूर्व स्वच्छंद, चचंल लड़की जो विवाह के उपरांत अत्यंत गंभीर स्त्री हो जाती है। 
  • महेश्वर की पत्नी 
  • टिटी की माँ

लेखक :

  • अपने दूर के रिश्ते की बहन के पास चार वर्ष बाद मिलने जाता है। 
  • विवाह के उपरांत मालती में हुए परिवर्तनों से चिंतित रहता है। 

महेश्वर :

  • मालती का पति 
  • पहाड़ी गाँव में सरकारी डिस्पेंसरी में डॉक्टर है। 
  • टिटी का पिता 
  • एक निर्दिष्ट ढर्रे पर जीवन जीता है। 

टिटी :

  • मालती और महेश्वर का पुत्र 

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गैंग्रीन कहानी महत्‍वपूर्ण तथ्‍य

  1. सर्वप्रथम 'गैंग्रीन नाम से छपी थी लेकिन बाद में कहानी की मूल संवेदना को अधिक प्रखरता से उभारने के लिए लेखक अज्ञेय जी ने इसका शीर्षक बदलकर इसे 'रोज़' शीर्षक के रूप में छापा था।
  2. जब शरीर के किसी भाग में कोई भी चोट लग जाती है, और वह सही तरीके से ठीक नहीं होती तो कुछ दिन बाद वह सड़ने लगती है उसे गैंग्रीन नाम से जाना जाता है। 
  3. यह कहानी अकेलेपन में घुटती हुई, अभावग्रस्त, नीरस उदास जीवन में छटपटाती स्त्री की करुण चित्र है।
  4. मध्यमवर्गीय परिवार में यांत्रिक जीवन बिताने वाली उदास स्त्री की मानसिक पीड़ा का चित्रण है।
  5. आधुनिकता का बोध लिए एक चरित्र प्रधान मनोवैज्ञानिक कहानी है, कहानी में संकेतों द्वारा बातें कही जा रही हैं, घटनाएँ नहीं है, यह आज भी प्रासंगिक है. 
  6. ध्यान से देखें तो हमारे आसपास कहीं न कहीं ऐसी स्त्री अवश्य होगी जो स्वयं ही जीवन में रोज़ घटने वाली नीरस और अनुत्पादक घटनाओं का लेखा-जोखा सा बन गयी हो। 
  7. संयुक्त परिवार के टूटने और एकल परिवार में व्याप्त एकाकीपन को यह कहानी दर्शाती है। 
  8. कहानी में लेखक मालती से चार वर्ष बाद मिलता है। (विवाह के दो वर्ष बाद) 

Gangrene Kahani MCQ

प्रश्‍न 01. " गैंग्रीन" कहानी का प्रकाशन वर्ष क्या है? 

  1. 1932 ईस्वी 
  2. 1936 ईस्वी 
  3. 1934 ईसवी 
  4. 1933 ईस्वी 

उत्तर :- 3. 1934 ईसवी 


प्रश्‍न 02. "रोज" कहानी अज्ञेय जी की किस कृति से संकलित है? 

  1. भग्नदूत 
  2. विपथगा 
  3. लौटती पगडंडियां 
  4. छोड़ा हुआ रास्ता 

उत्तर :- 2. विपथगा 


प्रश्‍न 03. रोज शीर्षक कहानी अज्ञेय के कहानी संकलन विपथगा के किस संस्करण में सम्मिलित है? 

  1. प्रथम संस्करण 
  2. द्वितीय संस्करण 
  3. तृतीय संस्करण 
  4. चतुर्थ संस्करण 

उत्तर :- 1. प्रथम संस्करण


प्रश्‍न 04. अज्ञेय जी की पहली कहानी कब प्रकाशित हुई? 

  1. 1920 में 
  2. 1922 में 
  3. 1924 में 
  4. 1928 में 

उत्तर :- 3. 1924 में 


प्रश्‍न 05. अज्ञेय की प्रथम कहानी कौन सी पत्रिका में प्रकाशित हुई? 

  1. सरस्वती में 
  2. पत्रिका 'सेवा' में 
  3. ज्योति में 
  4. प्रभा में 

उत्तर :- 2. पत्रिका 'सेवा' में


प्रश्‍न 06. किस संस्करण में " गैंग्रीन" कहानी का नाम बदलकर" रोज" कर दिया गया था? 

  1. दूसरा संस्करण 
  2. तीसरा संस्करण 
  3. चौथा संस्करण 
  4. पांचवां संस्करण 

उत्तर:- 4. पांचवां संस्करण

👉UGC NET  के Syllabus में दी गई कहानीयॉं -

{ इकाई – VII, हिन्दी कहानी }

राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) :चन्द्रदेव से मेरी बातेंदुलाईवाली
माधवराव सप्रे  :एक टोकरी भर मिट्टी
सुभद्रा कुमारी चौहान :- राही
राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह :कानों में कंगना
चन्द्रधर शर्मा गुलेरी :उसने कहा था
जयशंकर प्रसाद :आकाशदीप
जैनेन्द्र :अपना-अपना भाग्य
फणीश्वरनाथ रेणु :तीसरी कसम, लाल पान की बेगम
अज्ञेय :- गैंग्रीन
शेखर जोशी :कोसी का घटवार
कृष्णा सोबती :सिक्का बदल गया
ज्ञानरंजन :पिता
कमलेश्वर :राजा निरबंसिया
निर्मल वर्मा :परिंदे

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